TouristsTalks
Friday, April 28, 2023
भारतीय जनपदों के नाम
Sunday, April 23, 2023
सीतामढ़ी (UP): त्रेतायुग का साक्षी है यह स्थल, मां सीता धरती में हुई थी समाहित।
सीतामढ़ी (यूपी)
यही वो जगह है जहां मान्यता के अनुसार आदिकवि महर्षि वाल्मिकी का आश्रम था और लव-कुश का जन्म भी यहीं हुआ था।
उत्तर प्रदेश के जिलो में अनेक प्राचीन मंदिर और पौराणिक धार्मिक स्थल मौजूद हैं। यूपी में कई ऐसे पौराणिक धार्मिक स्थल हैं जिनका अपना महत्व है। भदोही जिले के सीतामढ़ी में पड़ने वाला सीता समाहित स्थल ऐसा ही एक प्राचीन और पौराणिक स्थल है। यही वो जगह है जहां मान्यता के अनुसार आदिकवि महर्षि वाल्मिकी का आश्रम था और लव-कुश का जन्म भी यहीं हुआ था।
ऐसी मान्यता है कि काशी और प्रयाग के मध्य सीतामढ़ी में ही महर्षि वाल्मिकी की तपोस्थली और माता सीता का समाहित स्थल है। इसी जगह पर महर्षि वाल्मिकी आश्रम बनाकर रहते थे।
सीतामढ़ी में सीता समाहित स्थल पर माता सीता का भव्य मंदिर बना है। गंगा किनारे जहां लव-कुश की प्रतिमा स्थापित है, कहा जाता है कि वहीं महर्षि वाल्मिकी का आश्रम है। सीतामढ़ी में बजरंगबली की 108 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा लगवायी गयी है। ऐसी मान्यता है कि इसी जगह पर लव-कुश ने बजरंगबली को बंधक बनाया था। सीतामढ़ी में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं माता सीता के दर्शन और पूजन के साथ यहां भजन-कीर्तन करते हैं।
यह मंदिर इलाहाबाद और वाराणसी के मध्य स्थित जंगीगंज बाज़ार से 11 किलोमीटर गंगा के किनारे स्थित है । वाराणसी इलाहाबाद एनएच- 2 पर जंगीगंज बाजार के रास्ते यहां पहुंच सकते हैं । वाराणसी से इस जगह की दूरी 75 किलोमीटर जबकि इलाहाबाद से दूरी 70 किलोमीटर है ।
नजदीकी रेलवे स्टेशन भदोही का ज्ञानपुर रोड है, जो वाराणसी-प्रयागराज रूट पर पड़ता है, इस रूट की कई महत्वपूर्ण गाड़ियों का यहां ठहराव भी है, जबकि नजदीकी हवाई अड्डा भी वाराणसी और इलाहाबाद में है ।
Source: Patrika.com
Monday, April 4, 2022
Friday, April 30, 2021
Trip to Tehri Dam
A trip to Tehri Dam and Lake by Dinesh Gautam, Delhi.
Here is the links for two YouT
ube sites in part-1 and 2
भारतीय जनपदों के नाम
महाभारत अनुसार में प्राग्ज्योतिष (असम), किंपुरुष (नेपाल), त्रिविष्टप (तिब्बत), हरिवर्ष (चीन), कश्मीर, अभिसार (राजौरी), दार्द, हूण हुंजा, अम्...

